google.com, 2481387975166658, DIRECT, f08c47fec0942fa0 ड्रग्स तस्कर नेपाल की धरान से भारत में कर रहा था घुसपैठ, 2 लाख 34 हजार नेपाली रुपये के साथ एसएसबी ने किया गिरफ्तार

ड्रग्स तस्कर नेपाल की धरान से भारत में कर रहा था घुसपैठ, 2 लाख 34 हजार नेपाली रुपये के साथ एसएसबी ने किया गिरफ्तार


भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की सतर्कता और तत्परता के चलते सोमवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। एसएसबी 56वीं वाहिनी, जोगबनी बीओपी (बॉर्डर आउट पोस्ट) के जवानों ने गुप्त सूचना के आधार पर एक नेपाली ड्रग्स तस्कर को भारी मात्रा में नकद नेपाली मुद्रा के साथ धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपी के पास से 2 लाख 34 हजार नेपाली रुपये बरामद हुए हैं।



यह कार्रवाई एसएसबी की बीआइटी (बॉर्डर इंटेलिजेंस टीम) टीम ने जोगबनी समवाय क्षेत्र में सीमा स्तंभ संख्या 180 (पीपी-68) के निकट की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह स्थान भारत और नेपाल के बीच मुख्य सीमा मार्ग पर स्थित है, जहाँ से अक्सर तस्करी की गतिविधियों की सूचनाएँ मिलती रहती हैं। इसी मार्ग से होते हुए एक युवक संदिग्ध अवस्था में भारत में प्रवेश कर रहा था, जिसे एसएसबी के जवानों ने रोका और तलाशी ली। तलाशी के दौरान युवक के पास से भारी मात्रा में नेपाली मुद्रा बरामद हुई, जिसे लेकर वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।


तस्कर की पहचान और उसका मंसूबा

पकड़े गए आरोपी की पहचान नेपाल के धरान जिले के पनबारी वार्ड संख्या 05 निवासी राम राय (उम्र 28 वर्ष), पिता गुना लाल राय के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में राम राय ने स्वीकार किया कि वह मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त है और नेपाल से भारत के सीमावर्ती इलाके जोगबनी स्थित टिकुलिया बस्ती में ड्रग्स की खरीददारी करने आया था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि वह पहले भी इस मार्ग से कई बार आ-जा चुका है, लेकिन इस बार वह नकदी के साथ पकड़ा गया।


बताया जा रहा है कि तस्कर भारत से नशीले पदार्थ खरीदकर नेपाल में तस्करी करता था, जहाँ इसकी कीमत कई गुना अधिक होती है। नेपाल में मादक पदार्थों पर नियंत्रण और कानून कड़े होने के कारण वहाँ अवैध नशे का कारोबार छिपकर किया जाता है। ऐसे में भारत-नेपाल की खुली सीमा का फायदा उठाकर तस्कर आए दिन इस तरह की गतिविधियों को अंजाम देते हैं।


कार्रवाई की विस्तृत जानकारी

एसएसबी अधिकारियों के अनुसार, उन्हें पूर्व से ही सूचना मिली थी कि नेपाल से एक संदिग्ध व्यक्ति मादक पदार्थों की खरीद के उद्देश्य से भारत आने वाला है। इसी सूचना पर कार्रवाई करते हुए बीआइटी टीम ने जोगबनी बीसीपी गेट के पास सघन निगरानी रखी। जैसे ही आरोपी ने सीमा पार करने की कोशिश की, एसएसबी ने उसे दबोच लिया। जब उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास नेपाली मुद्रा में कुल 2 लाख 34 हजार रुपये पाए गए, जिसके बारे में वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।


एसएसबी ने तस्कर को पकड़ने के बाद पूछताछ के लिए अपने हिरासत में रखा और आवश्यक प्रारंभिक जांच के उपरांत उसे जब्त की गई राशि सहित फारबिसगंज कस्टम विभाग को सौंप दिया। कस्टम विभाग अब आगे की कानूनी कार्रवाई करेगा, जिसमें आरोपी के खिलाफ ड्रग्स तस्करी, सीमा पार अवैध प्रवेश और मनी ट्रांजैक्शन से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया जा सकता है।


सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ती तस्करी एक चिंता का विषय

भारत-नेपाल सीमा पर खुली आवाजाही की सुविधा का लाभ उठाकर तस्कर, अपराधी और असामाजिक तत्व लगातार अपनी गतिविधियाँ तेज करते जा रहे हैं। खासकर जोगबनी, फारबिसगंज और किशनगंज जैसे इलाकों से लगे सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों, हथियारों और नकली मुद्रा की तस्करी के मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं। इन गतिविधियों को रोकने के लिए एसएसबी, कस्टम, और अन्य एजेंसियों को मिलकर लगातार अभियान चलाना पड़ता है।


एसएसबी के अधिकारी ने बताया कि ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए इंटेलिजेंस नेटवर्क को और मजबूत किया गया है। सीमा चौकियों पर आधुनिक तकनीक की मदद से निगरानी रखी जा रही है। साथ ही स्थानीय लोगों से भी सहयोग लिया जा रहा है ताकि संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय पर मिल सके।


आम नागरिकों से अपील

एसएसबी ने सीमावर्ती क्षेत्र के नागरिकों से भी अपील की है कि यदि वे अपने आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि देखें या किसी व्यक्ति को संदिग्ध रूप में घूमते देखें, तो तुरंत स्थानीय एसएसबी कैंप या पुलिस प्रशासन को सूचित करें। ऐसे प्रयासों से ही सीमावर्ती क्षेत्रों को सुरक्षित और तस्कर मुक्त बनाया जा सकता है।


निष्कर्ष

एसएसबी की यह कार्रवाई न केवल एक तस्कर की गिरफ्तारी तक सीमित है, बल्कि यह तस्करी के उस पूरे नेटवर्क पर करारा प्रहार है, जो लंबे समय से भारत-नेपाल सीमा के सहारे फल-फूल रहा था। 2 लाख 34 हजार नेपाली रुपये की बरामदगी यह संकेत देती है कि यह कोई छोटा-मोटा मामला नहीं था, बल्कि एक संगठित प्रयास था, जिसे एसएसबी ने समय रहते विफल कर दिया।


इस कार्रवाई के बाद सीमावर्ती सुरक्षा बलों का मनोबल और भी मजबूत हुआ है, और यह उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में भी इसी प्रकार की सतर्कता से सीमाओं को सुरक्षित रखा जा सकेगा। स्थानीय लोगों ने भी एसएसबी की तत्परता की सराहना की है और प्रशासन से इस तरह की कार्रवाई को लगातार जारी रखने की माँग की है।

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