जोगबनी (अररिया, बिहार) – यह बड़े हर्ष का विषय है कि हमारे पावन शहर जोगबनी के अग्रसेन भवन में 11 जून 2025 से लेकर 18 जून 2025 तक एक भव्य और पावन अष्टदिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन होने जा रहा है। यह आयोजन समस्त सनातनी समाज के लिए एक दुर्लभ आध्यात्मिक अवसर है, जहां भागवत पुराण की अमृतवाणी, भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं, और भक्ति भाव का अद्वितीय संगम होगा।
कथा व्यास: श्री प्रेमदूत राजीव ठाकुर जी महाराज
इस दिव्य आयोजन में कथा व्यास के रूप में श्री प्रेमदूत राजीव ठाकुर जी महाराज उपस्थित रहेंगे, जिनकी मधुर वाणी और गहन आध्यात्मिक ज्ञान से कथा पांडाल भक्तिरस से सराबोर हो जाएगा। ठाकुर जी का संकीर्तन, सत्संग और भगवत कथा का वर्णन श्रोताओं के हृदय को छूने वाला होगा। वे भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, रास, उद्धव संवाद, सुदामा चरित्र, एवं कलियुग में भक्ति की महिमा का सरल और भावपूर्ण वर्णन करेंगे।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं:
📿 11 जून को भव्य कलश यात्रा: कार्यक्रम की शुरुआत 11 जून को भव्य कलश शोभायात्रा से होगी, जिसमें नगर की बहनें एवं माताएं पारंपरिक वेशभूषा में कलश लेकर संकीर्तन के साथ नगर भ्रमण करेंगी। यह शोभायात्रा आयोजन की शुभ शुरुआत मानी जाती है।
🔥 हवन यज्ञ: प्रतिदिन कथा के साथ-साथ विशेष हवन यज्ञ का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें भाग लेने वाले श्रद्धालुओं के परिवारों की सुख-शांति और कल्याण की कामना की जाएगी।
🪔 सांस्कृतिक और भजन संध्या: कथा के उपरांत प्रत्येक दिन भजन संध्या, आरती, एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। इसमें स्थानीय कलाकारों एवं भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
🙏 विशेष सत्संग सत्र: ठाकुर जी महाराज के सान्निध्य में गूढ़ आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा एवं प्रश्नोत्तर सत्र भी रखे जाएंगे, जिससे युवाओं और जिज्ञासुओं को धर्म की गहराई से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
सभी सनातनी सहयोगियों से अनुरोध
जोगबनी, मीरगंज, बथनाहा, अमौना, सोनापुर, श्यामनगर, कोचगामा, पथरदेवा सहित आस-पास के सभी गांवों, नगरों और मोहल्लों के श्रद्धालु, कार्यकर्ता और धर्मप्रेमी भाई-बहनों से विनम्र अनुरोध है कि इस आयोजन को भव्य और सफल बनाने में हर प्रकार से सहयोग करें – चाहे वह आर्थिक हो, श्रमदान हो या सहभागिता के रूप में हो।
इस भागवत कथा का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना नहीं, बल्कि समाज में धर्म, प्रेम, भक्ति और नैतिक मूल्यों का विस्तार करना है। ऐसे आयोजनों से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि परिवार और समाज भी संगठित और मजबूत बनते हैं।
अतः सभी श्रद्धालु इस अनमोल अवसर का लाभ उठाएं और अपने जीवन को भगवतप्रेम से परिपूर्ण करें। आइए, भागवत कथा के इस दिव्य प्रसंग में सहभागी बनें और ईश्वर की कृपा प्राप्त करें।

Post a Comment