google.com, 2481387975166658, DIRECT, f08c47fec0942fa0 अररिया हत्याकांड: मोहम्मद सोहेल की हत्या के दो दोषियों को उम्रकैद, न्यायालय ने सुनाया कठोर फैसला

अररिया हत्याकांड: मोहम्मद सोहेल की हत्या के दो दोषियों को उम्रकैद, न्यायालय ने सुनाया कठोर फैसला

अररिया, 6 जून 2025 — बिहार के अररिया जिले में एक जघन्य हत्या मामले में जिला अतिरिक्त न्यायाधीश (चतुर्थ) रबी कुमार ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों — सोनू उर्फ मीर मश्कूर (22 वर्ष) और जहान आरा उर्फ जनीरा (28 वर्ष) — को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला 21 वर्षीय मोहम्मद सोहेल की हत्या के मामले में सुनाया गया। न्यायालय ने दोनों दोषियों पर ₹5,000 का आर्थिक दंड भी लगाया है। यह निर्णय अररिया जिले में न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हत्या की दर्दनाक घटना यह मामला 26 फरवरी 2023 का है, जब अररिया शहर के मोहम्मद सोहेल को उसकी जान-पहचान की दो लोगों — सोनू और जहान आरा — ने छलपूर्वक अपने साथ नदी किनारे ले जाया। पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों ने विश्वास में लेकर सोहेल को एकांत स्थान पर बुलाया और वहां धारदार हथियार से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में सोहेल के शरीर पर कई गंभीर घाव आए, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने शव को छुपाने की नीयत से उसे वहीं फेंक दिया। दो दिन बाद, 28 फरवरी को जब स्थानीय लोगों ने नदी किनारे एक सड़ा-गला और क्षत-विक्षत शव देखा, तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बरामद किया और उसकी पहचान मोहम्मद सोहेल के रूप में की। जांच और प्राथमिकी हत्या की खबर से पूरे अररिया में सनसनी फैल गई। सोहेल के बड़े भाई मोहम्मद तौहीद ने पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू की और शक के आधार पर सोनू और जहान आरा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने जुर्म कबूल कर लिया और हत्या की पूरी घटना का खुलासा किया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने और साजिश रचने की धाराओं में मामला दर्ज कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। इस मामले को "स्पीडी ट्रायल" के तहत चलाया गया, जिससे त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जा सके। न्यायालय की सुनवाई और फैसला अतिरिक्त लोक अभियोजक प्रभात कुमारी ने बताया कि न्यायालय में मामले की सुनवाई तेज गति से हुई। अदालत ने दोनों पक्षों — अभियोजन और बचाव — की दलीलों को ध्यानपूर्वक सुना और उपलब्ध साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया। न्यायालय ने माना कि यह हत्या न केवल पूर्व नियोजित थी, बल्कि अत्यंत क्रूर और अमानवीय भी थी। न्यायालय ने दोषियों को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही, दोनों पर ₹5,000 का आर्थिक दंड भी लगाया गया। यदि वे यह जुर्माना नहीं भरते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। समाज और परिवार की प्रतिक्रिया इस फैसले के बाद अररिया में जनता ने न्यायपालिका के प्रति विश्वास जताया है। मोहम्मद सोहेल की मौत ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया था। अब जब न्यायालय ने दोषियों को सजा सुनाई है, तो पीड़ित परिवार को कुछ हद तक राहत मिली है। मोहम्मद तौहीद ने मीडिया से बातचीत में कहा, "हमारे भाई की बेरहमी से हत्या की गई थी। हमने न्याय की उम्मीद में हर दरवाजा खटखटाया और आज हमें इंसाफ मिला है। अदालत का यह फैसला हमें सुकून देता है।" निष्कर्ष अररिया जिला न्यायालय का यह फैसला कानून की मजबूती और न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता का प्रतीक है। यह सजा समाज के उन तत्वों को एक कड़ा संदेश देती है जो विश्वास का दुरुपयोग कर हिंसा और हत्या जैसे अपराधों को अंजाम देते हैं। यह निर्णय न केवल पीड़ित परिवार के लिए न्याय की जीत है, बल्कि समूचे समाज को यह आश्वासन भी देता है कि कानून के हाथ लंबे हैं, और अपराधी चाहे जितने भी चालाक क्यों न हों, वे कानून से नहीं बच सकते।

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