पटना: NEET-UG परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र देने का झांसा देकर कि छात्रों से ठगी, अररिया से एक ठगी आरोपि गिरफ्तार
पटना, 6 जून: बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और अररिया पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए मेडिकल की प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2024 से पहले छात्रों को प्रश्नपत्र देने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक व्यक्ति को अररिया जिले से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी परीक्षा से एक दिन पहले, 3 मई को की गई थी, जबकि परीक्षा पूरे देश में 4 मई को आयोजित की गई थी।
मामला क्या है?
EOU द्वारा सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि गिरफ्तार व्यक्ति, एस. के. फैज़, पर आरोप है कि उसने नीट परीक्षा देने वाले छात्रों को प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध कराने का झांसा देकर उनसे पैसे ऐंठे। उसे एक गुप्त सूचना के आधार पर पकड़ा गया, जिसमें बताया गया था कि कुछ लोग NEET-UG के छात्रों से यह कहकर पैसे वसूल रहे हैं कि वे उन्हें असली प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले उपलब्ध करा देंगे।
EOU और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में फैज़ को अररिया से गिरफ्तार किया गया। प्राथमिक जांच में यह भी पता चला है कि एस. के. फैज़ ने कई छात्रों से बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए थे, यह कहकर कि वह उन्हें असली प्रश्नपत्र उपलब्ध कराएगा।
EOU के अनुसार, अभी मामले की गहन जांच जारी है और संभावना है कि इस ठगी के नेटवर्क में और भी लोग शामिल हों। पुलिस अन्य संदिग्धों की पहचान करने और पूरे नेटवर्क को उजागर करने के प्रयास में जुटी हुई है।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारी
इससे पहले अप्रैल 2024 में भी EOU ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए संजय कुमार सिंह उर्फ संजीव मुखिया को पटना से गिरफ्तार किया था, जो NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। संजीव मुखिया पर बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-3) के प्रश्नपत्र लीक के मामले में भी संलिप्तता का आरोप है। यह परीक्षा मार्च 2024 में आयोजित की गई थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संजीव मुखिया का गिरोह न केवल बिहार में, बल्कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों में भी फैला हुआ है और ये लोग कई महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक कराने के मामले में संलिप्त रहे हैं।
पुलिस की चेतावनी
बिहार पुलिस ने NEET-UG परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को चेतावनी भी दी थी कि वे किसी भी अनजान कॉल या मैसेज से सावधान रहें, जिसमें पेपर लीक करने या प्रश्नपत्र पहले उपलब्ध कराने का लालच दिया जा रहा हो। पुलिस ने स्पष्ट किया था कि ऐसे किसी भी कॉल या दावा की जांच कर तुरंत रिपोर्ट करें, ताकि साइबर ठगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
निष्कर्ष
यह मामला न केवल परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे कुछ असामाजिक तत्व छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। बिहार पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई द्वारा की गई इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार ऐसे किसी भी भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामलों को लेकर गंभीर है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं और बड़े स्तर पर गिरफ्तारियां भी संभव हैं। छात्रों और अभिभावकों को सतर्क रहने और किसी भी लालच से दूर रहकर केवल वैध और सही मार्ग से परीक्षा में भाग लेने की सलाह दी गई है।

Post a Comment