विशेष रिपोर्ट | 17 जून 2025 | सीमांचल न्यूज़ डेस्क
अररिया और गलगलिया के बीच रेल सेवाओं को लेकर वर्षों से लोगों में जो उम्मीदें थीं, वे अब साकार होती दिख रही हैं। 17 जून 2025 को पहली बार इस रूट पर ट्रेन ट्रायल सफलतापूर्वक किया गया, जिससे सीमांचल के लाखों लोगों के लिए एक ऐतिहासिक दिन बन गया। अररिया से गलगलिया रेलखंड पर यह ट्रायल रन न केवल तकनीकी रूप से सफल रहा, बल्कि इससे जुड़ी भावनाएं भी ज़ोरदार तरीके से उभरीं।
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रेलवे ट्रायल की पूरी जानकारी
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे द्वारा इस ट्रायल को अंजाम दिया गया। सुबह 11:00 बजे फारबिसगंज स्टेशन से एक डेमू (DEMU) ट्रेन रवाना हुई, जो करीब 12:15 बजे गलगलिया रेलवे स्टेशन पर पहुँची। इस ट्रायल रन के दौरान अररिया के सांसद श्री प्रदीप सिंह ओर रेलवे के इंजीनियर, सुरक्षा अधिकारी, सिग्नल विभाग , पथ निरीक्षण अधिकारियों की एक टीम मौजूद थी। ट्रेन ने पूरे मार्ग में औसतन 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार बनाए रखी और सभी रेलवे क्रॉसिंग, सिग्नल और ब्रिज की कार्यक्षमता की जाँच की गई।
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स्थानीय जनता का उत्साह
ट्रायल के दौरान रेल की सीटी सुनते ही गलगलिया और आस-पास के गांवों के लोग घरों से बाहर निकल आए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने इस दृश्य को देखा और कैमरे में कैद किया। ट्रायल ट्रेन जैसे ही गलगलिया स्टेशन पहुँची, लोगों ने तालियाँ बजाकर उसका स्वागत किया। कुछ लोगों ने 'रेलवे ज़िंदाबाद' के नारे भी लगाए। यह नज़ारा बताता है कि सीमावर्ती इलाकों में ट्रेन सेवा शुरू होना केवल सुविधा नहीं, बल्कि उम्मीदों का भी पुल है।
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ट्रायल के पीछे की मेहनत
अररिया से गलगलिया रेलखंड की योजना वर्षों से लंबित थी। वर्ष 2020 में केंद्र सरकार ने इस परियोजना को स्वीकृति दी थी। उसके बाद भूमि अधिग्रहण, ट्रैक बिछाने, पुल निर्माण और सिग्नल सिस्टम स्थापित करने में करीब चार साल का समय लगा। अब जब पहली बार इस ट्रैक पर ट्रेन दौड़ी, तो यह रेलवे इंजीनियरों और मज़दूरों की मेहनत का नतीजा है।
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व्यापार, शिक्षा और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
इस रेलवे लाइन के चालू होने से भारत-नेपाल व्यापार को बड़ा बल मिलेगा। गलगलिया एक प्रमुख सीमा गेट है, जहां से बड़ी मात्रा में माल नेपाल जाता है। अब व्यापारी आसानी से अररिया, फारबिसगंज और पूर्णिया से गलगलिया पहुँच पाएंगे।
साथ ही, इस रेलमार्ग के शुरू होने से अररिया, नरपतगंज, जोगबनी और गलगलिया के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए आवागमन में आसानी होगी। रोज़गार के लिए बाहर जाने वाले मजदूरों को भी कम खर्च और कम समय में यात्रा करने का अवसर मिलेगा।
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स्थानीय नेताओं और रेलवे अधिकारियों की प्रतिक्रिया
अररिया सांसद श्री प्रदीप सिंह ने ट्रायल रन की सफलता पर खुशी जताई और कहा, "यह सीमांचल के लोगों के लिए ऐतिहासिक पल है। यह विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। जल्द ही इस रूट पर नियमित यात्री सेवा शुरू होगी।"
पूर्वोत्तर रेलवे जोन के मुख्य अभियंता (परियोजना) एस.के. मिश्रा ने बताया, “ट्रायल सफल रहा है, रिपोर्ट केंद्रीय रेल मंत्रालय को भेज दी जाएगी। सुरक्षा क्लियरेंस के बाद जल्द ही इस मार्ग पर नियमित ट्रेन सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी।”
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आगे की योजना
ट्रायल के बाद अब रेलवे सेफ्टी कमिश्नर द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण में सभी तकनीकी पहलुओं को देखकर रिपोर्ट बनाई जाएगी। यदि सभी पहलुओं पर मंजूरी मिल जाती है तो अगले 2-3 महीनों में अररिया से गलगलिया के बीच नियमित पैसेंजर ट्रेन शुरू हो सकती है।
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निष्कर्ष
अररिया से गलगलिया ट्रेन ट्रायल की सफलता सीमांचल के लिए गर्व की बात है। यह सिर्फ एक ट्रैक पर चलती ट्रेन नहीं है, बल्कि यह विकास की दिशा में दौड़ता हुआ सपना है। लोगों को अब उम्मीद है कि जल्द ही वे सस्ती, सुरक्षित और समयबद्ध रेल सेवा का लाभ उठा पाएंगे।



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